कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना के कई नए मामले आए हैं। स्वास्थ विभाग के जारी बुलेटिन के अनुसार मध्यप्रदेश में 255 कोरोना पॉजिटिव हैं और अब तक 18 की मौत हो चुकी है। पिछले 15 दिन में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 30 गुना हुआ है। जिसमें इंदौर में कोरोना सबसे ज्यादा तेजी से बढ़ रहा। दूसरे नंबर पर अब भोपाल में भी कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ रही है।
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए जो सरकारी मदद की घोषणा हुई थी, उसमें पैसे जारी करने का सिलसिला शुरू हो गया है। पैसों को चरणबद्ध तरीके से बैंक खाते में भेजा जा रहा है। पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत सरकारी मदद का पैसा आपके खाते में आया या नहीं, यह जानना मुश्किल नहीं है। आइये फटाफट जान लेते हैं तरीके।
तबलीगी जमातियों को लेकर भाजपा विधायक ने कांग्रेस नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर तंज कसा है। उन्होंने दिग्विजिय सिंह को पत्र लिखकर कहा कि उन्हें जमातियों और मौलाना को समझाने के लिए आगे आना चाहिए।
Coronavirus को लेकर देश के हालात बिगड़ते जा रहे हैं. देश के कई राज्य इससे अत्यधिक प्रभावित हो रहे हैं, जिनमें इंदौर भी शामिल है. कोरना के कारण बिगड़ती स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी चिंता व्यक्त की है. साथ ही उन्होंने लोगों को आश्वासन दिया और बताया कि प्रदेश में स्थिति पर काबू पाना बेहद जरूरी हो गया है, इसलिए हालात को देखते हुए सरकार ने तीन अफसरों की तैनाती की है जो लगातार मॉनीटरिंग कर हालातों का जायजा लेंगे.
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लॉक डाउन के कारण उत्पन्न होने वाली स्थिति और इससे प्रभावित लोगों के लिए सहायता पैकेज देने की घोषणा की है। उन्होंने कहाकि प्रदेश के 46 लाख पेंशनर्स को 600 रुपए प्रतिमाह की सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत 275 करोड़ रुपए प्रतिमाह भुगतान किया जा रहा है। इनमें पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धा अवस्था पेंशन, निराश्रित पेंशन इत्यादि का दो माह का एडवांस भुगतान किया जाएगा। इसके साथ ही बीपीएल परिवारों को एक महीने का राशन मुफ्त दिया जाएगा। वहीं प्रति मजदूर 1000 रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। संनिर्माण कर्मकार मंडल के तहत मजदूरों को लगभग 8.25 लाख रूपये की सहायता दी गई है। ऐसे 2.20 लाख राशि सहरिया, बैगा, भारिया जनजातियों के परिवारों के खातों में दो माह की एडवांस राशि 2000 रुपए भेजी जाएगी।
मध्यप्रदेश में 17 दिन से चल रही सियासी उठापटक पर शुक्रवार को विराम लग गया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राज्यपाल को इस्तीफा दे दिया है। वहीं, शाम को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने भाजपा विधायकों को डिनर पर बुलाया है। इस सियासी उठापटक की शुरुआत दिग्विजय सिंह के ट्वीट से हुई थी। 10 मार्च को सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इसके साथ ही, कमलनाथ सरकार में सिंधिया गुट के 6 मंत्रियों समेत 22 विधायकों ने भी इस्तीफे दिए। इसके बाद आरोप-प्रत्यारोप लगे, सरकार बनाने-गिराने के समीकरण बनते-बिगड़ते रहे। जानिए इन 17 दिनों में क्या कुछ हुआ...
MP Govt Crisis कमल नाथ सरकार ने सियासी घटनाक्रम के बीच मैहर, चाचौड़ा और नागदा को जिला बनाने का सैद्धांतिक निर्णय तो कैबिनेट में कर लिया पर इसके लिए कोई तैयारी नहीं की गई। अभी न तो यह तय है कि दो या अधिक जिलों की तहसीलों को मिलाकर नया जिला बनेगा या फिर मौजूदा जिले की तहसीलें और पटवारी हलके ही इधर के उधर किए जाएंगे।
कांग्रेस के वकील की तरफ से शीर्ष अदालत में तर्क दिया गया है कि इस मामले को संवैधानिक पीठ के पास भेजा जाना चाहिए। क्योंकि मध्य प्रदेश जैसी स्थिति इससे पहले कर्नाटक और गुजरात में भी पैदा हो चुकी है। दुष्यंत दवे ने इस दौरान सर्वोच्च न्यायालय में गुजरात में हुए राज्यसभा चुनाव का हवाला दिया है।
मध्य प्रदेश में सत्ता के लिए शुरू हुआ संघर्ष अब कानूनी दांव-पेंच में उलझता नजर आ रहा है। भाजपा फ्लोर टेस्ट कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। कोर्ट ने मंगलवार को राज्यपाल, मुख्यमंत्री और विधानसभा स्पीकर को नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा है। इस मामले में बुधवार को 10:30 बजे फिर सुनवाई होगी। अब मुख्यमंत्री कमलनाथ दिल्ली से आए पार्टी के वरिष्ठ नेता मुकुल वासनिक और संसदीय कार्य मंत्री गोविंद सिंह के साथ कानूनी मसले समझ रहे हैं। सुबह 11 बजे के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता, मंत्री और विधायकों के सीएम हाउस पहुंचने का क्रम शुरू हो गया।
कलेक्टर श्री छोटे सिंह की अध्यक्षता में समय सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक कलेक्टर सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन, लोकसेवा गारंटी, समाधान एक दिवस, समय-सीमा अंतर्गत लंबित पत्रों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री आईएस ठाकुर, अपर कलेक्टर श्री अनिल कुमार चांदिल, डिप्टी कलेक्टर श्री डीके शर्मा, श्री शुभम शर्मा, श्री सिद्वार्थ पटेल सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित थे।